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Tuesday ,19 Mar 2019

पकड़े गए भारतीय पायलट का बाल भी बांका नहीं कर पाएगा PAK

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Reported by KNEWS

Updated: Feb 27-2019 05:41:48pm
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बुधवार को भारतीय सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने घुसपैठ की। जवाबी कार्रवाई में भारत ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया। लेकिन इस दौरान भारत के एक फाइटर प्लेन पर पाकिस्तान ने अटैक किया। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत का एक पायलट उनके कब्जे में है। भारत सरकार ने भी एक पायलट के लापता होने की बात स्वीकार की है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि भारत की एयर स्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान ने एक्शन लिया। इसके बाद भारत ने उनके लड़ाकू विमान को मार गिराया। हालांकि, इस कार्रवाई में भारत का एक मिग विमान ध्वस्त हो गया है और हमारा एक पायलट लापता है, जिसकी जांच की जा रही है। 

हम बताते हैं की क्या हैं युद्ध बंदियों के लिए नियम? अंतरराष्ट्रीय जिनेवा संधि में युद्धबंदियों को लेकर नियम बनाए गए हैं। इसके तहत युद्धबंदियों को डराने-धमकाने का काम या उनका अपमान नहीं किया जा सकता। 

भारतीय वायुसेना का मिग विमान क्रैश, पायलटों की मौत की आशंका... (आगे पढ़े)

जिनेवा संधि के मुताबिक, युद्धबंदियों पर या तो मुकदमा चलाया जाएगा या फिर युद्ध के बाद उन्हें लौटा दिया जाएगा। पकड़े जाने पर युद्धबंदियों को अपना नाम, सैन्य पद और नंबर बताने का प्रावधान किया गया है। 

हालांकि, दुनिया के कुछ देशों ने जिनेवा संधि का उल्लंघन भी किया है। जिनेवा संधि का आमतौर पर मतलब दूसरे विश्वयुद्ध के बाद १९४९ में तैयार किए गई संधियों और नियमों से है। इसका मुख्य मकसद युद्ध के वक्त इंसानी मूल्यों को बनाए रखने के लिए कानून तैयार करना था। 

 २० साल पहले भी कारगिल युद्ध के समय पाकिस्तान ने भारत के एक फाइटर पायलट को गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी। जिसका नाम के. नचिकेता था। जहां नचिकेता ने दुश्मन के बिल्कुल करीब जाकर १७ हजार फुट से रॉकेट दागे और दुश्मन के कैंप पर लाइव रॉकेट फायरिंग से हमला किया। लेकिन इसी बीच उनके विमान का इंजन खराब हो गया। जिसके बाद इंजन में आग लगने से MIG २७ क्रैश हो गया। नचिकेता विमान से सुरक्षित बाहर निकलने में तो सफल रही, लेकिन वह POK के पास स्कार्दू में फंस गई और पाकिस्तानी सौनिकों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया था।