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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ ही दो नामचीन हस्तियों को मिलेगा मरणोपरांत भारत रत्न

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 26-2019 12:22:50pm

भारत देश आज अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। साल 1950 में आज ही के दिन देश का संविधान लागू किया गया था और डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसी दिन देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। तब से हर साल पूरे देश में इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गेट जाकर अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजपथ पर झंडा फहराया। इस दौरान उनके साथ मुख्य अतिथि के तौर पर साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी मौजूद रहे। राजपथ पर देश आज पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल की तरह इस मौके पर भी अलग अंदाज में नज़र आए। आज प्रधानमंत्री सफेद कुर्ता पायजामे पर नेहरू जैकेट पहने हुए थे। और हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने सिर पर पगड़ी पहनी थी जिसका रंग नारंगी है।

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26 जनवरी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन नामचीन हस्तियों को भारत रत्न देने का ऐलान किया था। इसमें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जा रहा है। बता दें, भारत रत्न देश का वह सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है।

सम्मान की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से फोन पर बातचीत की। जिसके बाद प्रणब दा ने ट्वीट में लिखा कि भारत के लोगों के प्रति विनम्रता और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मैं इस महान सम्मान को स्वीकार करता हूँ। देशवासियों ने मुझे शुभकामनाएं दीं। मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूँ कि मैंने अपने महान देश के लोगों को जितना दिया है, उससे अधिक मुझे मिला है।'

प्रणब मुखर्जी की विशेषता

कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। अपने पांच दशकों के राजनीतिक जीवन में वह कई अहम पदों पर रहे। यूपीए सरकार में वह रक्षा, विदेश और वित्त मंत्री थे।

नानाजी देशमुख की विशेषता

चंडिकादास अमृतराव देशमुख को नानाजी देशमुख के नाम से भी जाना जाता है। नानाजी देशमुख भारत के एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में काम किया। भारत रत्न से पहले उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

भूपेन हजारिका की विशेषता

भूपेन हजारिका असम के महान गीतकार, संगीतकार, गायक, कवि और फिल्म-निर्माता थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर असम और पूर्वोत्तर भारत के संस्कृति और लोक संगीत को हिंदी सिनेमा के माध्यम से पेश किया था। हजारिका को 1975 में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1987), पद्मश्री (1977), और पद्मभूषण (2001) से सम्मानित किया गया था।

पीएम मोदी ने की तारीफ

इस ऐलान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों नामचीन हस्तियों की तारीफ करते हुए उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि प्रणब दा हमारे समय के एक उत्कृष्ट राजनेता हैं। उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ सेवा की है। भूपेन हजारिका के गीत और संगीत पीढ़ियों से लोगों द्वारा सराहे जाते हैं। उनसे न्याय, सौहार्द और भाईचारे का संदेश जाता है। ग्रामीण विकास के लिए नानाजी देशमुख के महत्वपूर्ण योगदान ने हमारे गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाने के एक नए प्रतिमान की राह दिखाई।