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Tuesday ,19 Feb 2019

भारतीय चीतों के आगे कंगारुओं के छूटे छक्के

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 19-2019 10:19:04am

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज के आखिरी मैच में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया पर ७ विकेट से जीत हासिल कर पहली बार द्विपक्षीय सीरीज जीती। इस वनडे सीरीज में महेंद्र सिंह धोनी की वही पुरानी झलक देखने को मिली जब वह टीम इंडिया को अपनी दमदार पारियों से जीत दिलाते थे। ३७ साल की उम्र में महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में कुल १९३ रन बनाए और उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। इससे पहले धोनी को सेलेक्टर्स ने वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-२० टीम से ड्रॉप किया था, लेकिन माही ने कंगारुओं के खिलाफ जोरदार वापसी करते हुए अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया। 

आपको बता दें कि टेस्ट में कंगारुओं को पीटने वाली विराट ब्रिगेड ने वनडे सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया है। वनडे सीरीज में जीत दिलाकर विराट कोहली भारत के पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एक ही दौरे में टेस्ट और बाइलैटरल वनडे सीरीज में जीत दर्ज की है। इस मैच में टॉस हार कर बल्लेबाजी कर रही ऑस्ट्रेलिया को पहले भुवनेश्वर कुमार ने अच्छी शुरुआत करने से रोका, उसके बाद युजवेंद्र चहल ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ते हुए उसे २३० रनों पर रोकने में खास भूमिका निभाई। २३० रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव ने शानदार हाफ सेंचुरी लगाकर टीम इंडिया को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया।

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सिडनी में खेले गए 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में धोनी ने ५१ रन बनाए।  उस मैच में धोनी को अंपायर के ख़राब फैसले का शिकार होना पड़ा। अंपायर ने उस वक़्त उन्हें एलबीडब्ल्यू करार दे दिया जब गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच हुई थी। सिडनी में भारत को ३४ रनों से हार मिली, लेकिन धोनी ने एडिलेड में खेले गए दूसरे वनडे मैच में नाबाद ५५ रन बनाकर भारत को ६ विकेट से जीत दिलाई। 

मेलबर्न में खेले गए सीरीज के निर्णायक मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने उन हालातों में नाबाद ८७ रन बनाए जब टीम इंडिया के टॉप ३ बल्लेबाज फिफ्टी तक नहीं बना पाए। चौथे विकेट के लिए महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव की १२१ रनों की साझेदारी के दम पर भारत ने आस्ट्रेलिया को मेलबर्न में सात से विकेट मात दी। 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस ऐतिहासिक जीत के बाद धोनी को ८ साल बाद वनडे इंटरनेशनल सीरीज में 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। आखिरी बार धोनी को 'मैन ऑफ द सीरीज' का अवॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ साल २०११ में खेली गई ५ मैचों की घरेलू वनडे इंटरनेशनल सीरीज में मिला था। यह धोनी का वनडे इंटरनेशनल सीरीज में ७वां 'मैन ऑफ द सीरीज' का अवॉर्ड है। 

मेलबर्न में धोनी ने ११४ गेंद खेलते हुए छह चौके की मदद से नाबाद ८७ रन की पारी खेली। जबकि जाधव ने ५७ गेंद में सात चौके से नाबाद ६१ रन बनाए। जब भारत को जीत के लिये अंतिम चार ओवर में ३३ रन की ज़रुरत थी, तब धोनी और जाधव ने ४७वें ओवर में ६ रन, ४८वें ओवर में १३ रन और ४९वें ओवर में १३ रन बनाये। इन सभी रनों की बदौलत आखिरी ओवर में जीत के लिए केवल एक रन चाहिए था और जाधव ने इसकी दूसरी गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई। 

 टेस्ट सीरीज में मेजबान कंगारुओं को रौंदकर ७० साल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचने वाली टीम इंडिया ने अब ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली बार कोई बाइलैटरल वनडे सीरीज जीतने का 'विराट कारनामा' किया है। मेलबर्न वनडे में ऑस्ट्रेलिया को ७ विकेट से मात देकर भारत ने कंगारुओं की धरती पर पहली बार कोई बाइलैटरल वनडे सीरीज में जीत हासिल की है। 

                                                                                                   - विभा चौधरी