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Thursday ,17 Jan 2019

खुली बैठक में होना था कोटे का चुनाव, पुलिस पर चुनाव रद्द कराने का लगा आरोप

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 12-2019 01:16:54pm

योगी सरकार गरीबों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन वहीं कुछ भ्रष्ट कर्मचारी व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा प्रशासन व जनता को गुमराह किया जा रहा है। खुली बैठक में कोटे का चुनाव होना सुनिश्चित किया गया था, जिसके चलते जनता पूरा दिन इंतजार करती रही लेकिन पुलिस प्रशासन पर चुनाव रद्द कराने का आरोप लगा है।

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ताजा मामला यूपी के सीतापुर संदना थाने का है जहां पर संदना थाना क्षेत्र के सरोसा गांव में कोटे का चुनाव होना सुनिश्चित किया गया था। इस कोटे के चुनाव में 5 प्रतिद्वंदी मैदान में उतरे जिसमें से एक प्रत्याशी को अलग कर दिया गया। जबकि चार प्रत्याशी मिलीभगत कर कोटे के चुनाव में अड़े रहे और पक्षपात की बात कहकर जनता को भड़काते रहे। चुनाव के पहले ग्राम विकास अधिकारी द्वारा मुनादी तो लगाई गई लेकिन किसी भी प्रकार की आईडी प्रूफ के लिए कोई भी बात उजागर नहीं की गई थी। जनता पूरा दिन कोटे के चुनाव के लिए इंतजार करती रही। इतना ही नहीं करीब 90% लोग अपनी आईडी प्रूफ भी ले आए लेकिन फिर भी पुलिस प्रशासन व अधिकारियों ने दबाव बनाकर चुनाव की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। वहीं विपक्षियों से सांठगांठ करते हुए अगली डेट फिक्स कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस व जिम्मेदार अधिकारियों पर चुनाव रद्द कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों में भारी रोष है क्योंकि गांव की गरीब जनता एक-एक दाने के लिए तरस रही है। वहीं सरकार के खाद्यान्न व पैसो का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। अब देखना यह है कि आखिर गांव की गरीब जनता कब तक दाने-दाने के लिए मोहताज रहेगी।