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Thursday ,17 Jan 2019

26 सालों की दुश्मनी भुला बुआ बबुआ फिर एक साथ

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 11-2019 12:46:04pm

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सीटों और गठबंधन का औपचारिक ऐलान शनिवार को हो सकता है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती लखनऊ में ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान कर सकते हैं। हालांकि पेच राष्ट्रीय लोकदल(आरएलडी) को लेकर फंसा हुआ है। क्योंकि अजित सिंह की पार्टी गठबंधन में ५ सीटों की मांग कर रही है, लेकिन सपा-बसपा आरएलडी को ३ सीट देने को ही पर राजी दिख रहे हैं। बता दें कि २६ साल पहले हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद सपा-बसपा में आई दूरी के बाद यह पहला मौका है जब दोनों पार्टी के नेता एक साथ पत्रकारों के सामने बैठेंगे। 

बता दें कि एसपी-बीएसपी के गठबंधन को लेकर लंबे वक्त से बातचीत चल रही थी। सपा की ओर से जारी मीडिया निमंत्रण के मुताबिक ये प्रेस कॉन्फ्रेंस लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल ताज में होगी। एक सप्ताह पहले ही दिल्ली में अखिलेश यादव ने मायावती से मुलाकात की जो डेढ़ घंटे तक चली थी। मुलाकात के बाद सूत्रों के मुताबिक ऐसी खबरें थीं कि दोनों के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो चुका है। अब केवल इसका औपचारिक ऐलान किया जाना बाकी है। 

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तैयार फॉर्मूले के मुताबिक समाजवादी पार्टी ३५ सीट, बसपा ३६ सीट और राष्ट्रीय लोकदल ३ सीट पर चुनाव लड़ेगी। वहीं ४ सीट रिजर्व रखी जाएंगी। इसके अलावा गठबंधन अमेठी और रायबरेली में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा। 

बता दें कि गोरखपुर उपचुनाव के दौरान से ही दोनों पार्टियां २६ साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर साथ आईं थीं। अखिलेश पर हाल ही में यूपी में अवैध खनन मामले को लेकर सीबीआई द्धारा शिकंजा कसने के बाद से बसपा पूरी तरह से उसके साथ दिखी है।

ऐसे होगा सीटों का बंटवारा


सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच मजबूत जनाधार वाले इलाके की सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने पर भी सहमति बन गई है। इस आधार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटों पर बसपा और पूर्वांचल में अधिकतर सीटों पर सपा के उम्मीदवार उतारने पर दोनों दल सहमत हैं। वहीं बुंदेलखंड की चार में से दो-दो सीटों पर दोनों दल चुनाव लड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि १६वीं लोकसभा में उत्तर प्रदेश से भाजपा के ६८, सपा के ७, कांग्रेस और अपना दल के २-२ तथा रालोद का एक सांसद है। 

मालूम हो कि सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बीज पिछले साल गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान ही पड़ गये थे। इन दोनों सीटों पर बसपा ने सपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया था और दोनों ही जगह उन्हें कामयाबी मिली थी।

सूत्रों के मुताबिक सपा-बसपा ने पीएम नरेंद्र मोदी के डर से ही यह गठबंधन तैयार किया है। इस कड़ी में सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियों से अलग किसी मजबूत दावेदार पर गठबंधन दांव लगा सकता है। इस कारण सूत्रों के मुताबिक गुजरात के पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को वाराणसी से गठबंधन की तरफ से उम्‍मीदवार बनाया जा सकता है। 

इधर यूपी में सपा-बसपा महागठबंधन की चर्चाओं के बीच शनिवार को अखिलेश यादव और मायावती की मुलाकात होगी। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेता महागठबंधन के बारे में औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्‍योंकि दोनों नेता साझा प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इसके लिए मीडियाकर्मियों को दोपहर १२ बजे यहाँ के होटल ताज में अखिलेश और मायावती की साझा प्रेस वार्ता को कवर करने का आमंत्रण दिया गया है। खास बात यह है कि आमंत्रण पत्र पर सपा की तरफ से राजेंद्र चौधरी और बीएसपी की तरफ से सतीश चंद्र मिश्रा के हस्‍ताक्षर हैं।