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Thursday ,17 Jan 2019

CBI Verdict: एक दिन दफ्तर जाने के बाद आलोक वर्मा की फिर से छुट्टी

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 11-2019 09:52:39am

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के गंभीर आरोपों के बाद से विवादों के बीचा फसे सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को आखिरकार उनके डायरेक्टर पद से हटा दिया गया है. CVC ने अपनी रिपोर्ट में आलोक वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. बता दे अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को दोबारा से दफ्तर जाने की इज़ाजत दी थी, लेकिन साथ ही ये भी कहा था की उनके ऊपर जांच जारी रहेगी। साथ ही CVC ने सीबीआई के रिकॉर्ड निकालकर आलोक वर्मा के खिलाफ फौरन जांच करने की भी बात भी कही.

सीवीसी ने अपनी रिपोर्ट में ये भी आरोप लगाया कि आलोक वर्मा को मोइन कुरैशी और अन्य के मामले की जांच बंद करने के लिए सतीश बाबू साना ने 2 करोड़ रुपये घुस के तौर पर दिय थे. आलोक वर्मा ने सीबीआई की जांच से IRCTC मामले के मुख्य आरोपी राकेश सक्सेना को बचाने की कोशिश की थी. इसके अलावा सीबीआई डायरेक्टर के पद पर रहते हुए आलोक वर्मा ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के ठिकानों पर तलाशी अभियान नहीं लेने का निर्देश भी जारी किया था.

सीवीसी ने मामलों को गंभीर मानते हुए आलोक वर्मा को तीन बार नोटिस भेजा और दस्तावेजों को पेश करने को भी कहा. हालांकि सीबीआई की तरफ से दस्तावेजों को पेश करने के लिए तारीख बढ़ाने की अपील की गई. इसके बाद सीवीसी ने मामले की तारीख 14 सितंबर 2018 से टालकर 18 सितंबर 2018 कर दी थी. 

प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली सेलेक्ट कमेटी ने सीवीसी की जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाया उस 8 पेज की रिपोर्ट में आलोक वर्मा पर ना सिर्फ गंभीर आरोप हैं बल्कि साफ साफ़ लिखा है कि उनके खिलाफ जो शिकायतें मिली हैं और जो सबूत दिए गए हैं उनकी जांच जरूरी है और यही वजह है कि आलोक वर्मा का सीबीआई डायरेक्टर पद पर रहना ठीक नहीं होगा।