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Thursday ,17 Jan 2019

राज्यसभा में बिल पास, राष्ट्रपति की मुहर का इंतज़ार

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 10-2019 10:28:01am

मोदी सरकार ने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में १० फीसदी आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को राज्यसभा में मंजूरी मिल गई। राज्यसभा ने करीब १० घंटे तक चली बैठक के बाद २०१९ विधेयक को सात के मुकाबले १६५ मतों से मंजूरी दे दी। इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया। लोकसभा ने इस विधेयक को मंगलवार को ही मंजूरी दी थी, जहाँ मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में भी मत दिया था। 

उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया। साथ ही सरकार ने दावा भी किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है। 

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केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे सरकार का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से यह पूछा कि जब उन्होंने सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिये जाने का अपने घोषणापत्र में वादा किया था तो वह वादा किस आधार पर किया गया था। क्या उन्हें यह नहीं मालूम था कि ऐसे किसी कदम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है? उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति की विशेषता है कि जहाँ प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एससी और एसटी को आरक्षण दिया, वहीं पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की यह पहल की है। उन्होंने एसटी, एससी एवं ओबीसी आरक्षण को लेकर कई दलों के सदस्यों की आशंकाओं को निराधार और असत्य बताते हुए कहा कि उनके ४९.५ प्रतिशत से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। वह बरकरार रहेगा। विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के द्रमुक सदस्य कनिमोई सहित कुछ विपक्षी दलों के प्रस्ताव को सदन ने १८ के मुकाबले १५५ मतों से खारिज कर दिया। 

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राज्यसभा में आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को मैच जिताने वाला छक्का बताते हुये कहा कि क्रिकेट में छक्का स्लॉग ओवर्स में ही लगता है और यह पहला नहीं है, अभी इस मैच में विकास से जुड़े और भी छक्के लगेंगे।अब सवाल ये है कि आखिर मोदी के पिटारे में अभी क्या बाकी है। 

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2. राज्यसभा में बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति की मुहर का इंतज़ार 

सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़े लोगों को १० प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को संसद की मंजूरी मिलने के बाद अब इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर का इंतजार है। राज्यसभा ने करीब १० घंटे तक चली बैठक के बाद बिल पास हुआ। इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया।