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10 जनवरी को मिलेगी अयोध्या केस को मंजूरी - SC

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 04-2019 10:54:16am

अयोध्या में चल रहे राम जन्मभूमि विवाद पर  शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस केस  की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी. लेकिन इससे पहले इस मामले के लिए नई बेंच का गठन किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दस बजकर 40 मिनट पर सुनवाई शुरू हुई. हिंदू महासभा के वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट 10 जनवरी को इस मामले को सुनेगा, लेकिन तब तक नई बेंच का गठन कर लिया जाएगा. उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट जब 10 जनवरी को इस मामले को सुनेगा तो हम अपील करेंगे कि वह इस मामले की रोजाना सुनवाई करे. अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले को दोबारा सुनता है तो अगले 60 दिनों में इसका फैसला आ सकता है.

 शुक्रवार की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ के सामने हुई. इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में 2.77 एकड़ भूमि का सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच समान रूप से बंटवारा करने का आदेश दिया था. शीर्ष अदालत ने पिछले साल 29 अक्टूबर को कहा था कि यह मामला जनवरी के प्रथम सप्ताह में उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध होगा, जो इसकी सुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित करेगी. बाद में अखिल भारत हिन्दू महासभा ने एक अर्जी दायर कर सुनवाई की तारीख पहले करने का अनुरोध किया था, परंतु सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.

शीर्ष अदालत ने कहा था कि 29 अक्टूबर को ही इस मामले की सुनवाई के बारे में आदेश पारित किया जा चुका है. हिन्दू महासभा इस मामले में मूल वादकारियों में से एक एम सिद्दीक के वारिसों द्वारा दायर अपील में एक प्रतिवादी है. गौरतलब है कि इससे पहले 27 सितंबर 2018 को तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 2-1 के बहुमत से 1994 के एक फैसले में की गई अपनी टिप्पणी पर नए सिरे से विचार करने के लिए मामले को पांच न्यायमूर्तियों की खंडपीठ के पास भेजने से इंकार कर दिया था.

वैसे तो साल 1994 के इस फैसले में टिप्पणी की गई थी कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है. अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान एक अपीलकर्ता के वकील ने 1994 के फैसले में की गई इस टिप्पणी के मुद्दे को उठाया था. 

 

डब्बू वर्मा