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Wednesday ,20 Mar 2019

हर दिन की शुरुआत एक प्याली चाय के साथ

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Reported by KNEWS

Updated: Dec 15-2018 11:48:38am

 हमारे यहां लोगों को चाय पीना खूब भाता है, कुछ लोगों की आदत ऐसी होती है कि बिना चाय की चुस्की लिए बिना वह एक कदम चल भी नहीं सकते. भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के हर कोने कोने में चाय अधिक लोकप्रिय है।  

आपको बता दें कि आज 15 दिसंबर को अंतराष्ट्रीय चाय दिवस है।                             

  यह 2005  से बांग्लादेश , श्रीलंका , नेपाल , वियतनाम , इंडोनेशिया , केन्या , मलावी , मलेशिया , युगांडा , भारत औरतंजानिया जैसे चाय उत्पादक देशों में मनाया जाता है ।

आखिर चाय की शुरआत हुई कैसे, कहते हैं कि एक दिन चीन के सम्राट शैन नुंग रखे गर्म पानी के प्याले में, कुछ सूखी पत्तियाँ आकर गिरीं जिनसे पानी में रंग आया और जब उन्होंने उसकी चुस्की ली तो उन्हें उसका स्वाद बहुत पसंद आया। बस यहीं से शुरू होता है चाय का सफ़र। ये बात ईसा से 2737  साल पहले की है। सन् 350 में चाय पीने की परंपरा का पहला उल्लेख मिलता है। सन्1610 में डच व्यापारी चीन से चाय यूरोप ले गए और धीरे-धीरे ये समूची दुनिया का प्रिय पेय बन गया। 

 भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड बैंटिक ने चाय की परंपरा भारत में शुरू करने और उसका उत्पादन करने की संभावना तलाश करने के लिए एक समिति का गठन किया. इसके बाद 1815 में असम में चाय के बाग लगाए गए.

- कई जगह चीन से भी चाय का इतिहास जोड़ा गया है.

- बता दें कि भारत में सर्वप्रथम चाय का बहुतायत प्रचलन ब्रिटिश शासनकाल में इन्हीं ब्रिटिशों द्वारा ही हुआ था.