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Monday ,18 Feb 2019

सरकार की मंशा पर  पानी फेरती अफसरशाही

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Reported by KNEWS

Updated: Dec 07-2018 03:57:09pm

मिर्ज़ापुर: सरकार की मंशा पर  पानी फेरती अफसरशाही, अधिकारियों के सुस्ती के कारण धान खरीद में मिर्ज़ापुर हुआ फिसड्डी, अभी तक  3 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 6 हज़ार कुंतल ही हुई खरीदारी, जो मात्र 2 प्रतिशत ही है, यही नहीं इस बार पिछले वर्ष से कम  बनाये गये क्रय केंद्र,जिससे किसानों को अपनी फसल कम दामो में ही बेचनी पड़ रही हैं बाजार में।

 

आपको बता दें कि जनपद को धानका बेल्ट भी कहा जाता है, यहां पर चुनार, नारायणपुर और जमालपुर में ज्यादातर धान की खेती ही होती है और खेती करके ही किसान अपने परिवार का गुजारा करते हैं सरकार की मंशा है कि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिले जिसके लिए सरकार ने 1750 रुपए निर्धारित किये हैं, लेकिन अफसरों की उदासीनता के चलते यहां पर अभी तक मात्र 64 क्रय केंद्र ही खोले गए जोकि पिछले साल की तुलना में काफी कम है , जिससे किसानों को दूर दूर धान को क्रय केंद्रों पर ले जाना पड़ता है और वहां पर उनकी फसलों को सही समय पर नहीं लिया जाता है और उन्हें इन्तजार करना पड़ता है ,जिस के चक्कर में वह बाजार में ही कम मूल्य में अपना धान बेचने को  मजबूर  है, एक तरफ आवारा पशु और दूसरी तरफ बढ़ती लागत से किसी तरह किसान अपनी फसलों को तैयार करता है इस उम्मीद में कि उसे उसकी फसल का सही रेट मिलेगा लेकिन अफसरशाही की उदासीनता के चलते उनको वाजिब दाम नहीं मिल पाता है जिससे किसानों का सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है इस बारे में जब अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि अभी फसल कट रही है क्रय केंद्रों पर  नहीं पहुंच रहा है जैसे ही आवाक बढ़ेगी हम और क्रय केंद्र को खोलेंगे लेकिन वहीं दूसरी तरफ एक सेंटर के प्रभारी खुद स्वीकार करते हैं की क्रय केंद्र कई जगह खुल तो गए हैं लेकिन मात्र दिखावा ही है हम तो कम से कम कुछ खरीद रहे हैं आप खुद सुनिए और अंदाजा लगाइए।