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Sunday ,16 Dec 2018

मराठा समुदाय को एसईबीसी के तहत मिलेगा आरक्षण

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Reported by KNEWS

Updated: Nov 29-2018 03:36:48pm

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को कैबिनेट की मंजूरी के बाद आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पेश कर दिया। फडणवीस ने बड़ा दांव खेलते हुए पिछड़ा आयोग की सिफारिश के आधार पर 16 प्रतिशत मराठा आरक्षण का बिल पेश किया, जो ध्वनिमत से पास हो गया। मराठा आरक्षण के लिए विशेष कैटेगरी SEBC बनाई गई है। महाराष्ट्र में 76 फीसदी मराठी खेती-किसानी और मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं सिर्फ 6 फीसदी लोग सरकारी-अर्ध सरकारी नौकरी कर रहे हैं। 

 

बीते दिनों ही फडणवीस कैबिनेट ने मराठा आरक्षण के लिए बिल को मंजूरी दी थी।  इसके साथ ही अब राज्य में मराठा आरक्षण का रास्ता साफ हो गया था। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि हमें पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिली थी, जिसमें तीन सिफारिशें की गई हैं। मराठा समुदाय को सोशल एंड इकनॉमिक बैकवर्ड कैटेगरी (SEBC) के तहत अलग से आरक्षण दिया जाएगा। हमने पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और इन पर अमल के लिए एक कैबिनेट सब कमिटी बनाई गई है। 

 

बता दें कि मराठों के आरक्षण की मांग 1980 के दशक से लंबित पड़ी थी। राज्य पिछड़ा आयोग ने 25 विभिन्न मानकों पर मराठों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक आधार पर पिछड़ा होने की जांच की।  इसमें से सभी मानकों पर मराठों की स्थिति दयनीय पाई गई। इस दौरान किए गए सर्वे में 43 हजार मराठा परिवारों की स्थिति जानी गई। इसके अलावा जन सुनवाइयों में मिले करीब 2 करोड़ ज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया।  मराठा आरक्षण को लेकर साल 2016 से महाराष्ट्रन में 58 मार्च निकाले गए। हाल ही में मराठों का उग्र विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला था। यह मामला कोर्ट के सामने लंबित होने से सरकार ने पिछड़े आयोग को मराठा समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति जानने की जिम्मेदारी दी थी।