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Monday ,17 Dec 2018

पाना चाहते हैं शनि मंगल और राहु के दोषों से छुटकारा तो अपनाये ये उपाए

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Reported by KNEWS

Updated: Nov 28-2018 10:16:53am

प्राचीन काल से मान्यता है की श्री भैरव से काल भी भयभीत रहता है और उनके भय से सब दुःख दूर भाग जाते हैं. हम सभी जानते हैं कि उनका एक रूप ‘काल भैरव’ के नाम से भी विख्यात हैं. वहीं दुष्टों का दमन करने के कारण इन्हें ‘आमर्दक’ नाम से भी पुकारा जाने लगा. कहते हैं शिव जी ने भैरव को काशी के कोतवाल पद पर प्रतिष्ठित कर दिया है और जिन व्यक्तियों की जन्मकुंडली में शनि, मंगल, राहु आदि पाप ग्रह अशुभ फलदायक हों, नीचगत अथवा शत्रु क्षेत्रीय हों. वहीं शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान हों, तो वे व्यक्ति भैरव अष्टमी अथवा किसी माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से प्रारंभ कर बटुक भैरव मूल मंत्र की एक माला (108 बार) का जाप प्रतिदिन रूद्राक्ष की माला से 40 दिन तक करें, अवश्य ही शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है.

किस मंत्र का करे जाप 

मंत्र-  ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।’ कहा जाता है जब कोई भी जातक शनि, मंगल या राहु के अशुभ परिणाम प्राप्त कर रहा हो तो उसे हर दिन सही ढंग से इस मंत्र का पाठ करना चाहिए माना  जाता है इस मंत्र के उच्चारण से जातक को लाभ होता है. 

वहीं जब कोई भी जातक शनि, मंगल या राहु के अशुभ परिणाम भोग रहा होता है तो उसे अवश्य इस मंत्र का पाठ करना करना चाहिए जो की जातक के लिए लाभदायक होता है और यह एक चमत्कारी मंत्र है, जो कई परेशानियों से निजात दिलाने में कारगार साबित होता है.