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Sunday ,16 Dec 2018

आधुनिक इंडिया के बैनर तले धरती आबा बिरसा मुंडा जयंती धूमधाम से मनाई गई

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Reported by KNEWS

Updated: Nov 20-2018 05:14:31pm

नई दिल्ली:आदिवासी महायोद्धा धरती अबा नाम  से प्रशिद्ध  आदिवासी  महानायक  बिरसा  मुंडा  का  १४३ वीं  जन्मजयंती रविवार को  राजधानी  दिल्ली  में  भी  बड़े  ही  धूमधाम  से  मनाई  गई . दिल्ली के एन डी एम सी कन्वेंशन सेंटर में  आधुनिक इंडिया और आधुनिक  इंडिया फाउंडेशन के  बैनर तले  बिरसा  मुंडा  का  १४३  वी  जन्मजयंती  मनाई  गई . इस  अवसर  पर  एक  संगोष्ठी  का  भी  आयोजन  किया  गया.  विभिन्न आदिवासी जनगोष्टी के प्रतिनिधियों ने इस संगोष्ठी में शामिल हुए.

इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री सोताई क्री , सलाहकार , मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश सरकार मौजूद थे. इस अवसर पर सबसे पहले आदिवासी परंपरा अनुसार सभी अतिथियों का स्वागत किया गया तत्पचात धरती अबा बिरसा मुंडा के चित्र में फूलो द्वारा उनका नमन किया गया उसके उपरांत दीप प्रज्वलित करके सभी अतिथियों का पारम्परिक गमछा से स्वागत किया गया. 

 

 

कार्यक्रम के दौरान आधुनिक इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डी.के.चौहान ने अपने सम्बोधन भाषण में कहा कि सही मायने में बिरसा मुंडा जी का जन्मजयंती 15 नवम्बर को मनाया जाता हैं लेकिन दिल्ली में सभी लोग कार्यरत होने के बजह से उस समय के अगले या बाद के छुट्टी के दिन में यह दिवस मनाते  हैं. इस मौके पर मुख्य अतिथि  ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के आदिवासी उनको भगवान् कि तरह पूजा करते हैं , उनसे प्रेरणा लेते हुए, हमे भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए. उनका जीवन पूरा आदिवासियों के उत्थान के लिए समर्पित था, उस धरती आबा को शत शत नमन. उन्होंने यह भी कहा कि बिरसा मुंडा जी के नाम से देश में अलग अलग जगहों में मेडिकल कालेज, यूनिवर्सिटी होनी चाहिए तथा स्टेचू ऑफ़ यूनिटी के तरह बिरसा मुंडा का भी देश में प्रतिमा लगनी चाहिए.   

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे राज्य सभा सांसद सांतिउस कुजूर ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा कि बजह से ही आज हम यहा पर हैं, उन्होंने  सिर्फ 25 वर्ष के उम्र में ब्रिटिश को हिला कर रख दिया था, उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ उलगुलान का शंखनाद किया था, अंत में ब्रिटिश ने उन्हें जहर देकर मार डाला, उन्होंने कहा कि आदिवासी का जमीन ही उनका संपत्ति हैं, अगर उन्हें  जमीन से अलग कर दिया गया तो वह बिल्कुल अकेले रह जायेंगे. जहा भी आदिवासी हैं वहा का जंगल सुरक्षित हैं कहकर उन्होंने कहा. उन्होंने कहा कि मुझे विस्वास हैं कि आगे भी आधुनिक इंडिया फाउंडेशन आदिवासी के लिए इस तरह का कार्य करते रहेंगे. उन्होंने युवाओ को अपने संस्कृति को बचाये रखने का अपील किया अपना संस्कृति ही अपना परिचय हैं कहकर उन्होंने कहा. विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद लोक सभा सांसद रामा चंद्र हांसदा ने कहा बिरसा मुंडा से हमे अनुप्रेरणा मिलती हैं , उन्ही के बदौलत आज हम सभी आदिवासी सुरक्षित मौजूद हैं. उन्होंने युवाओ को अपना संस्कृति न भूलने की हिदायत दी. 

 

विशेष तौर पे मौजूद बिरसा मुंडा जी के पोते सुखराम मुंडा ने बिरसा मुंडा के जीवनी के ऊपर प्रकाश डाला कि उन्होंने किस तरफ से आदिवासियों को अंग्रेज के चंगुल से बचाया था. कार्यक्रम में प्रतिनिधियों द्वारा उलगुलान नाम से एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया.   

 

कार्यक्रम में सभी प्रतिनिधियों को आधुनिक इंडिया द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया. कार्यक्रम का सुन्दर सञ्चालन आदिवासी अभिनेता राजीब कोइरी और सपना कुजूर द्वारा किया गया . 

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के सामाजिक और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए आदिवासियों के जंगल और जमीन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया। देश के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा आजादी के बाद भी बिरसा मुंडा को उचित सम्मान न दिए जाने पर निराशा व्यक्त करते हुए कार्यक्रम में मांग की गईं कि राजधानी में एनडीएमसी एरिया में कहीं उपयुक्त स्थान पर बिरसा मुंडा की मूर्ति लगाईं जाए। उनके नाम पर राजधानी में कम से कम एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाए जहां आदिवासी समुदाय के लोग मिलजुल कर विचार-विमर्श कर सके और अपने कार्यक्रमों को अंजाम दे सके। कार्यक्रम में बिरसा मुंडा के नाम पर एक सड़क या लेन का नाम रखने की भी मांग की गईं। 

कार्यक्रम में नजफगढ़ आदिवासी ग्रुप , नोनाईपारा सावरा ग्रुप, बिनोला संथाली ग्रुप  द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में असम, बंगाल, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ और राजस्थान से भी बड़ी संख्या में लोग आए थे।