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Tuesday ,19 Feb 2019

स्वास्थ्य

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Diabetes: जो आम भी है और खतरनाक भी

क्या होता है मधुमेह ?

Diabetes (मधुमेह)  एक बहुत ही आम और खतरनाक बिमारी है . भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति को diabetes है.  मधुमेह एक ऐसी बीमारी हैं जिसमें रोगी के खून में ग्लूकोज़ की मात्रा (blood sugar level) आवश्यकता से अधिक हो जाती है.ऐसा  दो  वजहों  से  हो सकता है : या तो आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में insulin नहीं produce कर रहा है या फिर आपके cells produce हो रही इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं कर रहे. इंसुलिन एक हारमोन है जो आपके शरीर में carbohydrate और fat के metabolism को कण्ट्रोल करता है.मेटाबोलिज्म से अर्थ है उस प्रक्रिया से जिसमे शरीर खाने को पचाता है ताकि शरीर को उर्जा मिल सके और उसका विकास हो सके.हम जो खाना खाते हैं वो पेट में जाकर energy में बदलता है जिसे glucose कहते हैं.  अब काम होता है इस energy/glucose को हमारे body में मौजूद लाखों cells के अन्दर पहुचाना, और ये काम तभी संभव है जब हमारे pancreas (अग्न्याशय) पर्याप्त मात्रा में insulin produce करें. बिना इंसुलिन के glucose cells में प्रवेश नहीं कर सकता. और तब हमारे cells ग्लूकोज़ को जला कर शरीर को उर्जा पहुंचाते हैं. जब यह प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं हो पाती तो व्यक्ति मधुमेह से ग्रस्त हो जाता है.सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में खाने के पहले blood में glucose का level  70 से 100 mg./dl रहता है। खाने के बाद यह level 120-140 mg/dl हो जाता है और फिर धीरे-धीरे कम होता चला जाता है। पर मधुमेह हो जाने पर यह level सामन्य नहीं हो पाता और extreme cases में 500 mg/dl से भी उपार चला जाता है.

मधुमेह के प्रकार: 

  1. Type 1 diabetes: यह तब होता है जब आपकी body insulin बनाना बंद कर देती है. ऐसे में मरीज को बाहर से इंसुलिन देनी पड़ती है . इसे  insulin-dependent diabetes mellitus, IDDM भी  कहते  हैं
  2. Type 2 diabetes: यह तब होता है जब आपके cells produce हो रही इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं करते.  इसे non-insulin-dependent diabetes mellitus, NIDDM भी  कहते  हैं
  3. Gestational diabetes:ये ऐसी महिलाओं को होता है जो गर्भवती हों और उन्हें पहले कभी diabetes ना हुआ हो.ऐसा pregnancy के दौरान खून में ग्लूकोज़ की मात्रा (blood sugar level) आवश्यकता से अधिक हो जाने के कारण होता.

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डायबिटीज़ के लक्षण 

1. लगातार पेशाब आना:
जब आपको मधुमेह होता है, तो आपका शरीर चीनी में भोजन को तोड़ने में कम कुशल होता है। आम तौर पर आपका शरीर ग्लूकोज को पुनः अवशोषित करता है जब यह आपके गुर्दे से गुजरता है। किन जब आपको मधुमेह होता है, तो अतिरिक्त शुगर (ग्लूकोज) आपके खून में बढ़ जाता है।

2. अधिक प्यास:
जैसा कि ऊपर बताया गया है, जब आपको मधुमेह होता है, तो आपकी गुर्दे को अतिरिक्त चीनी अवशोषित करना पड़ता है। जिसके लिए बहुत सारे तरल पदार्थ की आवश्यकता होती है, इसलिए आपको अधिक प्यास लगती है

3. वजन घटना:
जब आप अक्सर मूत्र के माध्यम से चीनी खो देते हैं, तो आप कैलोरी भी खो देते हैं। इसके अलावा, मधुमेह आपके भोजन से चीनी को आपके कोशिकाओं तक पहुंचने से रोक सकता है। 4. अतिरिक्त भूख लगना:
भूख की अत्यधिक पीड़ा, मधुमेह का एक और लक्षण, रक्त शर्करा के स्तर में तेज उतार-चढ़ाव से आ सकता है। जब रक्त में शर्करा का स्तर घटता है, तो शरीर यह सोचता है कि इसे खिलाया नहीं गया है और अधिक ग्लूकोज की आवश्यकता होती है, जो कोशिकाओं को कार्य करने के लिये आवश्यकता होती है। 
5. थकान:
बेशक आप ज्यादातर समय थका हुआ महसूस करते हैं, क्योंकि जो भोजन आप ऊर्जा के लिए खा रहे हैं वह कोशिकाओं द्वारा प्रयोग नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, निर्जलीकरण भी आपके थकान को बढ़ाता है। 
6. धुंधली दृष्टि:
विकृत दृष्टि और रोशनी की कभी-कभी चमक देखना, उच्च रक्त शर्करा के स्तर का प्रत्यक्ष परिणाम होता है। आपके शरीर में द्रव का स्तर बदलना आपकी आंखों में लेंस को सूजा सकता है। इसके अलावा, जब रक्त में ग्लूकोज उच्च होता है, यह लेंस और आंख के आकार में परिवर्तन करता है। यह सब, लेंस की अपनी क्षमता खोने का और ठीक से काम न करने का कारण बनता है। 
7. कटौती और घावों का धीमी गति से उपचार:
कटौती, और घाव का जल्दी से ठीक न होना, मधुमेह का एक और उत्कृष्ट संकेत हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली और प्रक्रियाएं जो शरीर को चंगा करने में मदद करती हैं, बहुत अच्छी तरह से काम नहीं करती हैं, जब आपके शर्करा का स्तर उच्च होता है। 
8. खमीर संक्रमण:
 मधुमेह आपके शरीर की प्रतिरक्षा को नीचे लाती है; संक्रमण और रोग अधिक होने की संभावना है। खमीर का आहार ग्लूकोज है और शरीर में बहुत अधिक होने से यह कामयाब होने लगता है। संक्रमण किसी भी गर्म, त्वचा के नम गुच्छे में बढ़ सकता है.महिलाओं को, विशेष रूप से, योनि कैंडिडा संक्रमण से सावधान रहना चाहिए।
9. झुनझुनी की अनुभूति:
आपके रक्त में अतिरिक्त चीनी से तंत्रिका क्षति हो सकती है। आप अपने हाथों और पैरों में झुनझुनी और सनसनी की कमी महसूस कर सकते हैं, साथ ही साथ अपनी बाहों, हाथों, पैरों और पैरों में दर्द का दर्द देख सकते हैं।
10. शुष्क मुँह और खुजली वाली त्वचा:
मधुमेह रोगाणुओं से लड़ने की आपकी क्षमता को कमजोर कर सकता है, जिससे आपके मसूड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आपके मसूड़ों को अपने दांतों से दूर खींच सकते हैं, आपके दाँत ढीले हो सकते हैं, या आपके मसूड़ों में घाव या मवाद विकसित कर सकते हैं। इसके अलावा, निर्जलीकरण के कारण शुष्क मुंह और खुजली वाली त्वचा सकती है।

Diabetes से सम्बंधित कुछ facts:

  • Type 2 Diabetes से ग्रस्त लोग स्वस्थ्य लोगों की अपेक्षा 5 – 10 साल पहले मर जाते हैं.
  • Type 2 Diabetes सबसे common form of Diabetes है.
  • Diabetes किसी भी age group के लोगों को हो सकता है, बच्चों को भी.
  • भारत में,इलाज ना करा पाने के कारण हर साल करीब 27000 बच्चे मधुमेह की वजह से मर जाते हैं.
  • भारत में 5 में से 1 व्यक्ति diabetes से प्रभावित है.
  • अगर इसे control ना किया जाये तो ये heart-attack,blindness, stroke (आघात), या kidney failure में result कर सकता है.
  • स्वस्थ खा कर और physical activity  को बढ़ा कर टाइप २ मधुमेह को 80 % तक रोका जा सकता है.
  • यह एक अनुवांशिक बिमारी है. यानि यदि परिवार में पहले किसी को ये बिमारी रही हो तो आपको भी हो सकती है.

Diabetes हो जाने पर क्या करें:

  • नियमित रूप से blood sugar की जांच कराते रहे.
  • परहेज करना बहुत ही आवशयक है, असावधानी बाद में घातक हो सकती है. बाद में blindness, amputation या dialysis का सामना करने  से कहीं आसान होगा परहेज करना.
  • दवाओं के सेवन को हलके में ना लें , और डॉक्टर के बताये हुए समय पर दावा अवश्य लें.
  • स्वस्थ खाएं और active रहे. व्यायाम करके इस काफी हद तक control किया जा सकता है.
  • संभव हो तो खाना खाने के लिए अपने जैसा ही साथी चुने, इससे अपने जीभ को control करना आसान होगा.
  • पर्याप्त मात्रा में नीद लें.
  • सुबह या शाम को टहलने की आदत डालें.

 

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 Diabetes के Symptoms

  • अधिक प्यास या भूख लगना
  • अचानक वज़न का घट जाना
  • लगातार कमजोरी और थकावट महसूस करना
  • घाव भरने में ज्यादा वक़्त लगना
  • बार-बार पेशाब होना
  • चीजों का धुंधला नज़र आना
  •  त्वचा में संक्रमण होना और खुजली होना

Diabetes में किन खाने-पीने  की चीजों को avoid करें :

धूम्रपान,चीनी, मिठाई,ग्लूकोज, मुरब्बा, गुड़, आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री, मीठा बिस्कुट,चॉकलेट, शीतल पेय, गाढ़ा दूध, क्रीम,तला हुआ भोजन,मक्खन, घी, और हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल, सफेद आटा,जंक फूड,कुकीज़, डिब्बा बंद और संरक्षित खाद्य पदार्थ, इत्यादि.

Diabetes में किन खाने-पीने  की चीजों का सेवन करें :

खूब पानी पीएं ,अंगूर,अनार का रस, भारतीय ब्लैकबेरी, केला,सेब, अंजीर,  काली बेरी, कीवी फल, खट्टे,फल,ककड़ी, सलाद पत्ता, प्याज, लहसुन ,मूली,टमाटर, गाजर, पत्तियों, पालक शलजम, गोभी और  रंगीन सब्जियों, बिना शक्कर फलों के रस, कच्चा केला,कच्ची मूंगफली, टमाटर, केले,खरबूजे, सूखे मटर, आलू, सेब साइडर सिरका, स्किम्ड दूधपाउडर, गेहूं,दलिया, बादाम, मटर, अनाज,छोला, बंगाल चना , काला चना,दाल , मकई , सोया अंकुरित फलियां, रोटी,गेहूं की भूसी, whole grain bread,मट्ठा, दही, इत्यादि.

                                                                                                              तनूजा रावत 

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KNEWS !3 weeks ago

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गर्भवती है तो ज़रूर रखे इन बातो का ध्यान

गर्भवती होने का एहसास ही बहुत खूबसूरत होता है।  कहा जाता है की ये एक औरत का दूसरा जन्म होता है।  एक औरत के लिये माँ बनना सबसे बड़ी बात होती है। गर्भवती होने के बाद आपको ख़ुशी के साथ साथ बहुत सी चिंता सताने लगती है।  यह चिंता खुद से ज़्यादा गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए होती है। यह बिलकुल सच बात है की एक महिला के लिए  गर्भावस्था बहुत की सावधान और परहेज करने का वक्त होता है। इस समय महिलाओ को ज़्यदा देखभाल और प्यार की ज़रूरत होती है। और यह भी बिलकुल सच बात है की इस वक्त माँ के द्वारा की गई चीज़े और खाया गए खाने का आसार सीधा बच्चे पे होता है। पहले बच्चे के जन्म के समय तो वैसे भी महिलाएं काफी कंफ्यूज रहती हैं। वो यह तय करने में ही उलझी रह जाती हैं कि क्या सही होगा और क्या गलत। 

हालांकि प्रेग्नेंसी से जुड़ी कई किताबें बाजार में मौजूद हैं और घर की बुजुर्ग महिलाएं भी सलाह देने के लिए होती हैं लेकिन ये बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि सबकी प्रेग्नेंसी अलग होती है। हो सकता है कि दो महिलाओं के लक्षण आपस में मेल खाते हों लेकिन दोनों के हालात एक हों, जरूरी नहीं। 

अगर आप चाहती हैं कि आपकी प्रेग्नेंसी खुशहाल और सुरक्षित हो तो आप इन उपायों को अपना सकती हैं:

1. फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा लेना बहुत जरूरी है. हरी पत्त‍ियों में पाया जाने वाला फोलिक एसिड बच्चे के जन्म से जुड़ी कई परेशानियों से बचाने का काम करता है। 

2. गर्भावस्था में फल खाना बहुत जरूरी है लेकिन कोई भी फल खाने से पहले ये सुनिश्च‍ित कर लें कि फल अच्छी तरह से धुले हुए हों. वरना संक्रमण का खतरा हो सकता है। 

3. गर्भावस्था के समय अंडा, चिकन या मछली खाना बहुत फायदेमंद होता है। पर इनका अच्छी तरह पका होना बेहद जरूरी है। 

4. जितना ज्यादा हो सके प्रोटीन खाएं. प्रोटीन बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण है। आप चाहें तो दालें, बीजें और दूध को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन प्राप्त कर सकती हैं। 

5. एक ओर जहां आपको अपने खाने-पीने का पूरा ख्याल रखने की जरूरत है वहीं ये भी जरूरी है कि आप इस दौरान लगने वाला एक भी वैक्सीनेशन भूलें नहीं। अगर आप कुछ दिन लेट भी हो जाती हैं तो डॉक्टर से परामर्श लेकर उसे तुरंत लगवा लें। 

6. गर्भावस्था के दौरान जंक फूड खाने से परहेज करना ही बेहतर होगा. इसमें उच्च मात्रा में फैट होता है, जिसकी वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है। 

7. गर्भावस्था के दौरान संपूर्ण आहार लेना बहुत जरूरी है।  शरीर को सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलने से ही बच्चे का भी सही विकास होगा। 

गर्भवती महिला की खूबसूरती और ज़्यादा बढ़ जाती है क्युकी यह एहसास ही बहुत खूबसूरत होता है।  गर्भावस्था आपने साथ सिर्फ खुसी नहीं लता बल्कि साथ में परेशानी भी लता है।  आपने बेहद ध्यान रखना होता है इस वक्त। 

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KNEWS !1 month ago

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2 मिनट से ज़्यादा कभी नहीं रोकना चाहिए यूरिन , बढ़ जाता है कई बीमारियों का खतरा

यूरिन या टॉयलेट एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।  जब भी टॉयलेट आए तो हमेशा कर लेना चाहिए। पर कुछ लोग इसे रोक लेते है कई घंटो तक। कुछ लोग ऐसा आलस की वजह से करते है और कुछ लोग वाशरूम पास न होने की वजह से। 

कई लोगों को ऐसा लगता है कि थोड़ी देर पेशाब रोकने से कोई नुकसान नहीं होता है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आपकी गलतफहमी है ये। पेशाब रोकने से आप कई सारी खतरनाक बीमारी का शिकार हो सकते हैं। जिसमें किडनी की बीमारी, ब्लैडर, लिवर और यूट्रस की बीमारी शामिल है। जानिए किन लोगों को पेशाब रोकने से कौन सी बीमारी का खतरा हो सकता है।

पेशाब का काफी देर तक रोकना Kidney के लिए बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप 2 मिनट से ज्यादा पेशाब रोकते हैं तो समझ लें कि आपकी दोनों कीडनी कभी भी खराब हो सकती है। जो लोग डायबीटीज को रोगी हैं उन्हें तो खासतौर से इसका ध्यान रखना चाहिए। जिन लोगों को डायबिटीज की परेशानी है उन्हें खासतौर से सही समय पर पेशाब करना चाहिए क्योंकि ये उनकी कीडनी के लिए बिल्कुल सही नहीं है

जब पेशाप आए और हम उसे करने न जाए तो वो पेंशाप हमारे ब्लेडर में जमा हो जाता है। जिसे यूरिनरी रिटेंशन कहते है। इस कारन जब आप बाद में पेशाप करने जाते है तो दर्द और जलन होता है। कई लोग इसे नज़रअंदाज़ कर देते है और उन्हें ये पता ही नहीं होता की उन्हें यह बीमार है। 

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KNEWS !1 month ago

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चाय के साथ इस चीज़ का सेवन करने से हो सकता है कैंसर

भारत में चाय एक परंपरा की तरह पिया जाता है। बहुत से लोग सुबह उठ के सबसे पहले चाय पिने के आदि होते है।  चाय लोगो को इतनी पसंद है की वो आप हमारे दिन चरिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।  आज हम आपको बताएंगे की किस चीज़ को चाय के साथ लेने से हो सकता है कैंसर।

चाय वैसे तो खुद ही पूरक है, इसके साथ किसी भी चीज़ की ज़रूरत नहीं होती।  वैसे तो कोई भी नशा हो वो ख़राब ही होता है , चाहे वो चाय हो, सिगरेट हो या शराब पर चाय के साथ सिगरेट का सेवन करना जान ले लिए बहुत हानिकारक होता है।  लंम्बे समय तक चाय और सिगरेट का सेवन करने से हो सकता है कैंसर। 

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KNEWS !1 month ago

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सुबह की ये गलतियां तेजी से बढ़ाती है आपका वजन

ज्यादातर बीमारियों की शुरूआत आपकी लाइफ स्टाइल की वजह से होती है। डॉक्टर्स भी यह मानते हैं की सुबह उठने के बाद कुछ काम अगर किये जाएं तो इंसान ताउम्र बीमार नहीं पड़ता है। सुबह का समय इंसान की सेहत के लिए बहुत अनुकूल समय होता है। एक्सरसाइज, ब्रेकफास्ट जैसे प्रमुख काम भी अगर सुबह के समय ठीक से न किये जाएं तो इंसान बीमारियों को बुलावा देने का काम करता है। आइए जानते हैं उन 5 कामों के बारे में जिनका सुबह के समय ध्यान देना बेहद जरूरी होता है।

पानी नही पीना

दुनिया भर के डॉक्टर , आहार विशेषज्ञ और वैज्ञानिक इस बात पर हमेशा ज़ोर देते हैं कि खूब सारा पानी पीना चाहिए, स्वस्थ रहने के लिए भी और वज़न कम करने के लिए भी। भरपूर पानी पीने से शरीर के सारे ज़हरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और मेटाबोलिज़्म भी अच्छा होता है। सुबह उठ कर एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीने से आपका वजन कम होता है। ये आपके अंदुरुनी सिस्टम को साफ कर देता है। इससे आपको भूख कम लगती है और कैलोरी इन्टेक कम होता है।

नाश्ते में प्रोसेस्ड फ़ूड लेना

सुबह की भागदौड़ में अगर आप समय बचाने के लिए प्रोसेस्ड फ़ूड या पैक किया हुआ फ्रोज़न नाश्ता लेते हैं, तो ये एक मुख्य कारण हो सकता है आपके वज़न बढ़ने के पीछे। इन प्रोसेस्ड फ़ूड में डाले जाने वाले प्रीज़रवेटिव और अलग अलग फ्लेवर का आपकीं हेल्थ पर उल्टा असर पड़ता है। और तो और सुबह सुबह ये जंक फूड खाना आपके द्वारा अपनी हेल्थ के साथ खिलवाड़ करने के बराबर है। सुबह का नाश्ता एकदम पौष्टिक होना चाहिए और इसमें नेचुरल फ़ूड, फल, मेवा, ओट मील , जूस आदि शामिल है।

नाश्ता नही करना

नाश्ते को दिन की सबसे ज़रूरी मील कहा जाता है। औऱ ये बिल्कुल सही भी है। पूरी रात सोने के बाद आपका पेट बिल्कुल खाली हो जाता है और आपका एनर्जी लेवल एकदम कम हो जाता है। आपके इसी एनर्जी लेवल को बढ़ाता है आपका सुबह का नाश्ता। और नाश्ता न करने से आपके मेटाबोलिज्म का सारा संतुलन बिगड़ जाता है। नाश्ता नही करने पर आप पूरा दिन कुछ भी उलट सुलट खा कर अपनी भूख को शांत करते हैं। और इन्ही सब कारणों के कारण वजन बढ़ता है।

एक्सरसाइज ना करना

सुबह खाली पेट वर्ज़िश करने से ज़्यादा फैट्स बर्न होते हैं और ज़्यादा वज़न कम होता है।सुबह जल्दी उठ कर वर्ज़िश करने से आप बहुत ताज़ा महसूस करते हैं। और वर्ज़िश करने का मतलब ये नही की आप जिम ही जायें। आप कुछभी आज़मा सकते हैं जैसे कि वाकिंग, साइकिलिंग,रनिंग आदि। सिर्फ आधे घंटे की किसी भी तरह की वर्ज़िश जो आप सुबह-सुबह करते हैं आपको दुगना फायदा पहुंचाती है।

सुबह की धूप ना लेना

सुबह सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणे आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हैं। वो आपको और भी एनरजेटिक बनाती हैं और आपके मेटाबोलिज्म को भी दुरुस्त करती हैं। और इसलिए ये निश्चित तौर पर आपके वज़न को बढ़ने से रोकने में सहायक बनेंगी।

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KNEWS !1 month ago

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गंजेपन की समस्या को चुटकियों में करें दूर

बाल झड़ने के आंतरिक और बाहरी कारकों में शामिल हैं, तनाव, खानपान की खराब आदतें, हार्मोनल असंतुलन, हेयर कलरिंग, हेयर स्टाइलिंग प्रोडक्ट, स्मोकिंग, दवाएं, अनुवांशिक विकार आदि। बालों को झड़ने से रोकने के लिए आपने कई प्राकृतिक और घरेलू उपचार आजमाएं होंगे, पर क्या कभी योग का सहारा लिया है? योग को भी बालों के झड़ने के लिए सबसे सुरक्षित और सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार माना गया है। यदि आपके बाल हद से ज्यादा गिरते हैं, तो इन तीन आसनों का अभ्यास आज से ही करना शुरू कर दें…

अधोमुख आसन
इसे बालों के विकास के लिए सबसे अच्छा योग कहा गया है। यह सिर के भागों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है।

यूं करें अधोमुख आसन
वज्रासन में बैठकर अधोमुख शवासन में आएं। इसमें पैर की उंगुलियों को मोड़ते हुए नितंबों को ऊपर की ओर उठाइए। घुटनों को सीधा करें। इसमें आप दोनों हाथों को जमीन या चटाई पर रखें। आपकी हाथों की उंगुलियां फैली होनी चाहिए। ध्यान रहे, आपकी पीठ और भुजाएं एक सीध में हों, जबकि सिर केहुनियों के बीच में रहे। इस आसन को करते समय ऐसा लगे कि शरीर त्रिकोण के आकार में हो। इसका अभ्यास आप 10 से 15 तक मिनट कर सकते हैं।

ठंड में नवजात बच्चों को नहलाने के लिए फॉलो करें ये टिप्स.... (आगे पढ़े)

वज्रासन
बालों के विकास के लिए यह एक सरल आसन है, जिसे लगभग हर कोई कर सकता है। इसे करने से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। यह हेयर फॉलिकल्स में भी मदद करता है। यह आसन कब्ज से छुटकारा दिलाने में भी मदद करता है।.

यूं करें वज्रासन
घुटनों के बल बैठकर पंजों को पीछे फैलाकर एक पैर के अंगूठे को दूसरे अंगूठे पर रख दीजिए। इसी दौरान अपने नितंबों को पंजों के बीच रखिए तथा आपकी एड़ियां कूल्हों की तरफ रखिए और अंत में इस अवस्था में बैठते समय हथेलियों को घुटनों पर रखिए। लाभ प्राप्त करने के लिए वज्रासन को जितना संभव हो सके, उतने समय तक करें।

सर्वांगासन
यह आसन भी बालों की ग्रोथ और उन्हें झड़ने से रोकता है। इससे थायरॉइड ग्रंथि भी पोषित होती है। दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जो बालों के झड़ने से रोकने के लिए बहुत अच्छा उपचार है। यह गर्दन के दर्द को भी कम करता है।

यूं करें सर्वांगासन
पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में मिलाएं। अब दोनों हाथों को जमीन पर रखें और शरीर को ढीला छोड़ दें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपने पैरों को बिना मोड़े हुए ऊपर की तरफ उठाएं। जब पैर ऊपर की और उठें वैसे अपनी कमर को भी ऊपर की तरफ उठाएं। अपने पैरों और पीठ को 90 डिग्री तक उठाने का प्रयास करें। पका मुंह आकाश की तरफ हो और केहुनियां जमीन के साथ टिकी हुई हों। सुनिश्चित करें कि आपके पैर और रीढ़ सीधे हैं। गहराई से सांस लें और अपनी थायरॉइड ग्रंथि की ओर अपनी एकाग्रता बढ़ाएं।

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KNEWS !1 month ago

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ठंड में नवजात बच्चों को नहलाने के लिए फॉलो करें ये टिप्स


सर्दियों का मौसम नवजात बच्चों के लिए बहुत ही मुश्किल होता है। ठंड में नहाने से तो बड़े-बूढ़े भी काँप जाते हैं और माता-पिता को इस मौसम में छोटे बच्चों को नहलाने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है. उन्हें इस बात का डर होता है की कहीं उनका बच्चा बीमार न पड़ जाए। आईये जानते हैं किस तरह आप अपने बच्चों का ठंड में ख़ास ख्याल रख सकते हैं. 

ज्यादा गर्म पानी हो सकता है हानिकारक

ठण्ड में अपने बच्चों को कभी ठंडे पानी से मत नहलाएं। उन्हें नहलाने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। 

धुप में ही नहलाएं 

बच्चों को नहलाते समय कई बातों का ख़ास ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा सुबह या रात को बच्चो को नहलाने से बचे. मौसम के ठंडे रहने से बच्चे बीमार पड़ सकते हैं. 

मालिश अवश्य करें

नहलाने से पहले अपने बच्चों को सरसों के तेल या ऑलिव ऑयल से मसाज जरूर करें। 

कैमिकल के प्रयोग से बचें

ठंड के मौसम में त्वचा खुश्क हो जाती है। इसके लिए लोग अक्सर मॉश्चराइजर का प्रयोग करते हैं, जो काफी केमिकल युक्त होता है, और बच्चों के लिए हानिकारक होता है. कैमिकल मिक्स्ड कोई भी प्रोडक्ट बच्चों पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उनकी त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए उनके नहाने के पानी में सरसों तेल, ऑलिव ऑयल या नारियल तेल की कुछ बूंदें दाल कर उन्हें नेहला सकते हैं. 


 

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KNEWS !1 month ago

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गले में खराश और इंफेक्शन, लहसुन चबाने से मिलेगा आराम

गले में खराश का संबंध हमारे श्वसन तंत्र में किसी गड़बड़ी के कारण होता है। जब हमारे गले की अंदरूनी परत में इंफेक्शन हो जाता है तो गले में सूजन, खांसी और खरखराहट होने लगती है। यह सर्दी और जुकाम के कारण भी होता है। आयुर्वेदाचार्य डॉ सरोज पांडेय की मानें तो गले में खराश होने पर ठंडी चीजों से परहेज करें। तेल से बने पदार्थ खाने से बचें। खराश होने पर दवाइयां खाने की बजाए कुछ आसान और घरेलू उपायों के द्वारा हम गले की खराश को दूर कर सकते हैं। 

नींबू पानी पिएं 
गले की खराश को दूर करने के लिए नींबू पानी पीना काफी फायदेमंद है। इसके लिए नींबू पानी में एक चम्मच चीनी और चुटकीभर नमक मिलाएं। रोजाना इसके सेवन से गले की खराश से निजात मिलेगी। 

लहसुन चबाएं 
लहसुन बहुत ही गुणकारी होता है। किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में लहसुन अहम रोल निभा सकता है। लहसुन में ऐलीसिन नामक खास तत्व मौजूद होता है, जो इंफेक्शन पैदा करने वाले जीवाणुओं को मार देता है।

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KNEWS !1 month ago

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तेजपत्ते को इस तरह इस्तेमाल करने से होते है यह फायदे

तेजपत्ता का इस्तेमाल भारतीय रसोई में किया जाता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर खाने का स्वाद और खूशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन ये सेहत के लिए भी कई तरीको से फायदेमंद होता है। इसमें फ्लेवोनॉड्स, एंटी-ऑक्‍सीडेंट की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसे खाने से डायबीटीज से पीड़ित मरीज को फायदा होता है। साथ ही ये पेट की बिमारियों को दूर करने में भी मदद करता है। जानिए हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है और किस तरह से ये हमारी परेशानियों को दूर करता है।

Rafale Deal: वित्त मंत्री ने ठहराया राहुल को झूठा, बोला "दिन में 5 बार बोलते हैं राहुल झूठ".... (आगे पढ़े)

Bay leaves  एक प्रकार का मसाला होता है जिसमें कॉपर, पौटेशियम, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, सेलेनियम और आयरन की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है। जो कि बालों, त्वचा, दांतो, रूसी का सारी परेशानी को दूर करने में फायदेमंद होता है। Bay leaves  में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसमें कैफीक एसिड, क्‍वेरसेटिन और इयूगिनेल नामक तत्‍व होते हैं जो मेटाबोल्जिम को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को होने से रोक लेता है।

गुटखा खाने से या किसी और कारण से अगर आपके दांते पीले हो गए हैं, तो तेजपत्ता आपकी मदद कर सकता है। अक्सर लोग अपने दांतो का पीलापन दूर करने के लिए बहुत से काम करते हैं। लेकिन उससे उन्हें सही फायदा नहीं मिलता है। इसके लिए आप तेजपत्ता का इस्तेमाल करें। अगर आप अपने दांतो पर तेजपत्ता रगड़ेंगे को तो आपको पीलापन दूर हो जाएगा और दांत सफेद चमकने लगेंगे।

इसके अलावा Bay leaves  में कई ऐसे गुण भी मौजूद हैं जो आपकी त्वचा को दमकाती है। एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं जो आपकी स्किन के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। Bay leaves  डालकर उबाले गए पानी से चेहरा धोने से चेहरे में शाइन आ जाती है। साथ ही तेज पत्ता आपके चेहरे पर हो रहे मुँहासे को दूर करने में मदद करता है। इसकी मदद से आपका चेहरा बिना दाग धब्बे का हो जाता है और चमकदार बनता है।

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KNEWS !1 month ago

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बवासीर की समस्या से ऐसे करें अपना बचाव

बवासीर यानि पाइल्स की बीमारी अत्यधिक खतरनाक है। इसमें मलगद्वार के चारों और नसों के फूलने से अत्यधिक सूजन आ जाती है। कई बार तो सूजन के कारण नसें पूर्ण्तः बाहर भी आ जाती हैं जिससे रोगी बहुत कमजोरी महसूस करते हैं। बवासीर की परेशानी बढ़ जाने पर उठना- बैठना भी अत्यधिक मुश्किल हो जाता है। इससे बहुत जल्द आराम पाने के लिए कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं।

बवासीर से राहत पाने के उपाय

  • किशमिश को भिगोकर सुबह इसे पीस लें और पानी से साथ खाएं।
  • लस्सी के साथ कच्चा प्याज खाने से बहुत फायदा मिलता है। लस्सी की जगह पर दही का सेवन भी कर सकते हैं।
  • मूली का सलाद या इसके रस का सेवन जल्द आराम दिलाता है। इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है।
  • काले तिल का ताजा मक्खन के साथ सेवन करें। मक्खन का सेवन बवासीन में बहुत लाभकारी है।
  • इलायची को भून कर अच्छी तरह पीस लें और इसका चूर्ण पानी के साथ खाएं।
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KNEWS !1 month ago

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